🚩 🙏 *।।वन्दे मातरम्।।* 🙏 🚩
*आयुर्वेद को छोड़कर जितनी भी चिकित्सा पद्धतियां है उनमें बनने वाली ओषधियों में मांसाहार का प्रयोग होता है।*
*स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता श्रीराजीव दीक्षितजी*
*मित्रो आयुर्वेद को छोड़ कर जितनी भी चिकित्सा पद्धतियां है उनमें बनने वाली ओषधियों में मांसाहार का प्रयोग होता है, आप जितनी भी एलोपैथी ओषधियाँ लेते है उनमें जो कैप्सूल होते है वो सब के सब मांसाहारी होते हैं।*
*दरअसल कैप्सूल के ऊपर जो कवर होता है उसके अंदर ओषधी भरी जाती है वो कवर प्लास्टिक का नहीं होता आपको देखने में जरूर लगेगा कि ये प्लास्टिक है लेकिन वो प्लास्टिक का नहीं है क्योंकि अगर ये प्लास्टिक का होगा तो आप उसको खाओगे तो अंदर जाकर घुलेगा ही नहीं क्योंकि प्लास्टिक 400 वर्ष तक घुलता नहीं है*
*तो मित्रो ये जो कैप्सूल के कवर जिससे बनाये जाते है उसका नाम है gelatin (जिलेटिन)। जिलेटिन से सब के सब कैप्सूल के कवर बनाये जाते है और जिलेटिन के बारे में आप सब जानते है, जब गाय के बछड़े या गाय को कत्ल किया जाता है उसके बाद उसके पेट की बड़ी आंत से जिलेटिन बनाई जाती है।*
*मित्रो आपने एक और बात पर ध्यान दिया होगा 90 % एलोपेथी ओषधियों पर कोई हरा या लाल निशान नहीं होता। कारण एक ही है इन ओषधियों में बहुत अधिक मांसाहार का उपयोग होता है और कुछ दिन पहले कोर्ट ने कहा था कि ओषधियों पर हरा या लाल निशान अनिवार्य होना चाहिए और ये सारी बड़ी एलोपेथी कंपनियाँ अपनी छाती कूटने लग गई थी।*
*कैप्सूल के अतिरिक्त मित्रो एलोपेथी में गोलियां होती है (tablets) तो कुछ गोलियां जो होती है जिनको आप अपने हाथ पर रगड़ेगे तो उसमे से पाउडर निकलेगा, हाथ सफ़ेद हो जाएगा पीला हो जाएगा वो तो ठीक है लेकिन कुछ गोलियां ऐसी होती है जिनको हाथ पर घसीटने से कुछ नहीं होता उन सबके ऊपर भी जिलेटिन का कोटिंग किया होता है वो सब मांसाहारी है।*
*थोड़ी सी कुछ गोलियां ऐसी है जिन पर जिलेटिन का कोटिंग नहीं होता लेकिन वो गोलियां इतनी खतरनाक है कि आपको कैंसर, शुगर जैसे 100 रोग कर सकती हैं जैसे एक दवा है पैरासिटामोल। इस पर जिलेटिन का कोटिंग नहीं है लेकिन ज्यादा प्रयोग किया तो ब्रेन हैमरेज हो जाएगा। ऐसे ही एक सिरदर्द की दवा है उस पर भी जिलेटिन का कोटिंग नहीं हैं लेकिन ज्यादा प्रयोग किया तो लीवर खराब हो जाएगा, ऐसे ही हार्ट के रोगियों को एक दवा दी जाती है उसमे भी कोटिंग नहीं लेकिन उसको ज्यादा खाओ तो किटनी खराब हो जाएगी।*
*तो मित्रो जिनके ऊपर कोटिंग नहीं है वो वो दवा जहर है और जिनके ऊपर कोटिंग है वो दवा मांसाहारी है तो अब प्रश्न उठता है तो हम खाएं क्या? मित्रो रास्ता एक ही आप अपनी चिकित्सा स्वयं करों अर्थात आपको पुनः आयुर्वेद की ओर लौटना पड़ेगा।*
*मित्रो दरअसल हमारे देश गौ ह्त्या केवल मांस के लिए नहीं की जाती है इसके अतिरिक्त जो खून निकलता है, जो हड्डियों का चुरा होता है, जो चर्बी से तेल निकलता है, बड़ी आंत से जिलेटिन निकलती है, चमड़ा निकलता है इन सब का प्रयोग कोसमेटिक (सोन्दर्य उत्पाद), टूथपेस्ट, नेलपालिश, लिपस्टिक खाने पीने की चींजे, एलोपेथी दवाइयाँ, जूते, बैग आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है, जिसे हम सब लोग अपने दैनिक जीवन में बहुत बार प्रयोग में लाते है।*
*तो गौ रक्षा की बात करने से पूर्व पहले हम सबको उन सब वस्तुओ का त्याग करना चाहिए जिसके कारण गौ ह्त्या होती है, दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओ की पहले अच्छे से परख करनी चाहिए फिर प्रयोग मे लाना।*
*कैप्सूल गोमांस gelatin. Vegetarians के बने होते है:- श्रीराजीव दीक्षितजी* https://youtu.be/l-eYup4tOoM
*दवा के नाम पर मोत का व्यापार:- श्रीराजीव दीक्षितजी:-* https://youtu.be/TtSlfDAUeyw
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*श्री राजीव दीक्षित जी के MP3 व्याख्यान के लिए प्लेय स्टोर से ऐप्स डांउनलोड करे।* https://play.google.com/store/apps/details?id=rajivdixitji.com
*अधिक जानकारी के लिये* http://www.rajivdixitmp3.com
*you tube search " rajiv dixit "*
*आखिर कौन है श्री राजीव दीक्षित जी?* http://www.rajivdixitmp3.com/about-rajiv-bhai-dixit/
*वाट्सअप पर श्री राजीव दीक्षित जी के विचारों को प्राप्त करने के लिए 9001092092 नंबर पर सम्पर्क कर सकते हो। बात के लिए नंबर 7014872541 पर संपर्क करें।*
*अपना देश, अपनी सभ्यता, अपनी संस्कृति, अपनी भाषा,ठ अपना गौरव।*
*मित्रों श्री राजीव दीक्षित जी ने जो- जो खुलासे किये है और जो- जो जानकारी दी है वो आज तक ना किसी राजनैतिक पार्टी ने दी है, ना किसी नेता ने और ना ही मीडिया ने। इसलिए हमारा ये फर्ज बनता है कि हम राजीव दीक्षित जी के विचारों को जन- जन तक पहुंचाये।*
*।।स्वदेशी अपनाये, भारत को बचाये।।*
भारत रत्न श्रीराजीव दीक्षितजी को शत् शत् नमन
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*आयुर्वेद को छोड़कर जितनी भी चिकित्सा पद्धतियां है उनमें बनने वाली ओषधियों में मांसाहार का प्रयोग होता है।*
*स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता श्रीराजीव दीक्षितजी*
*मित्रो आयुर्वेद को छोड़ कर जितनी भी चिकित्सा पद्धतियां है उनमें बनने वाली ओषधियों में मांसाहार का प्रयोग होता है, आप जितनी भी एलोपैथी ओषधियाँ लेते है उनमें जो कैप्सूल होते है वो सब के सब मांसाहारी होते हैं।*
*दरअसल कैप्सूल के ऊपर जो कवर होता है उसके अंदर ओषधी भरी जाती है वो कवर प्लास्टिक का नहीं होता आपको देखने में जरूर लगेगा कि ये प्लास्टिक है लेकिन वो प्लास्टिक का नहीं है क्योंकि अगर ये प्लास्टिक का होगा तो आप उसको खाओगे तो अंदर जाकर घुलेगा ही नहीं क्योंकि प्लास्टिक 400 वर्ष तक घुलता नहीं है*
*तो मित्रो ये जो कैप्सूल के कवर जिससे बनाये जाते है उसका नाम है gelatin (जिलेटिन)। जिलेटिन से सब के सब कैप्सूल के कवर बनाये जाते है और जिलेटिन के बारे में आप सब जानते है, जब गाय के बछड़े या गाय को कत्ल किया जाता है उसके बाद उसके पेट की बड़ी आंत से जिलेटिन बनाई जाती है।*
*मित्रो आपने एक और बात पर ध्यान दिया होगा 90 % एलोपेथी ओषधियों पर कोई हरा या लाल निशान नहीं होता। कारण एक ही है इन ओषधियों में बहुत अधिक मांसाहार का उपयोग होता है और कुछ दिन पहले कोर्ट ने कहा था कि ओषधियों पर हरा या लाल निशान अनिवार्य होना चाहिए और ये सारी बड़ी एलोपेथी कंपनियाँ अपनी छाती कूटने लग गई थी।*
*कैप्सूल के अतिरिक्त मित्रो एलोपेथी में गोलियां होती है (tablets) तो कुछ गोलियां जो होती है जिनको आप अपने हाथ पर रगड़ेगे तो उसमे से पाउडर निकलेगा, हाथ सफ़ेद हो जाएगा पीला हो जाएगा वो तो ठीक है लेकिन कुछ गोलियां ऐसी होती है जिनको हाथ पर घसीटने से कुछ नहीं होता उन सबके ऊपर भी जिलेटिन का कोटिंग किया होता है वो सब मांसाहारी है।*
*थोड़ी सी कुछ गोलियां ऐसी है जिन पर जिलेटिन का कोटिंग नहीं होता लेकिन वो गोलियां इतनी खतरनाक है कि आपको कैंसर, शुगर जैसे 100 रोग कर सकती हैं जैसे एक दवा है पैरासिटामोल। इस पर जिलेटिन का कोटिंग नहीं है लेकिन ज्यादा प्रयोग किया तो ब्रेन हैमरेज हो जाएगा। ऐसे ही एक सिरदर्द की दवा है उस पर भी जिलेटिन का कोटिंग नहीं हैं लेकिन ज्यादा प्रयोग किया तो लीवर खराब हो जाएगा, ऐसे ही हार्ट के रोगियों को एक दवा दी जाती है उसमे भी कोटिंग नहीं लेकिन उसको ज्यादा खाओ तो किटनी खराब हो जाएगी।*
*तो मित्रो जिनके ऊपर कोटिंग नहीं है वो वो दवा जहर है और जिनके ऊपर कोटिंग है वो दवा मांसाहारी है तो अब प्रश्न उठता है तो हम खाएं क्या? मित्रो रास्ता एक ही आप अपनी चिकित्सा स्वयं करों अर्थात आपको पुनः आयुर्वेद की ओर लौटना पड़ेगा।*
*मित्रो दरअसल हमारे देश गौ ह्त्या केवल मांस के लिए नहीं की जाती है इसके अतिरिक्त जो खून निकलता है, जो हड्डियों का चुरा होता है, जो चर्बी से तेल निकलता है, बड़ी आंत से जिलेटिन निकलती है, चमड़ा निकलता है इन सब का प्रयोग कोसमेटिक (सोन्दर्य उत्पाद), टूथपेस्ट, नेलपालिश, लिपस्टिक खाने पीने की चींजे, एलोपेथी दवाइयाँ, जूते, बैग आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है, जिसे हम सब लोग अपने दैनिक जीवन में बहुत बार प्रयोग में लाते है।*
*तो गौ रक्षा की बात करने से पूर्व पहले हम सबको उन सब वस्तुओ का त्याग करना चाहिए जिसके कारण गौ ह्त्या होती है, दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओ की पहले अच्छे से परख करनी चाहिए फिर प्रयोग मे लाना।*
*कैप्सूल गोमांस gelatin. Vegetarians के बने होते है:- श्रीराजीव दीक्षितजी* https://youtu.be/l-eYup4tOoM
*दवा के नाम पर मोत का व्यापार:- श्रीराजीव दीक्षितजी:-* https://youtu.be/TtSlfDAUeyw
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*श्री राजीव दीक्षित जी के MP3 व्याख्यान के लिए प्लेय स्टोर से ऐप्स डांउनलोड करे।* https://play.google.com/store/apps/details?id=rajivdixitji.com
*अधिक जानकारी के लिये* http://www.rajivdixitmp3.com
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*आखिर कौन है श्री राजीव दीक्षित जी?* http://www.rajivdixitmp3.com/about-rajiv-bhai-dixit/
*वाट्सअप पर श्री राजीव दीक्षित जी के विचारों को प्राप्त करने के लिए 9001092092 नंबर पर सम्पर्क कर सकते हो। बात के लिए नंबर 7014872541 पर संपर्क करें।*
*अपना देश, अपनी सभ्यता, अपनी संस्कृति, अपनी भाषा,ठ अपना गौरव।*
*मित्रों श्री राजीव दीक्षित जी ने जो- जो खुलासे किये है और जो- जो जानकारी दी है वो आज तक ना किसी राजनैतिक पार्टी ने दी है, ना किसी नेता ने और ना ही मीडिया ने। इसलिए हमारा ये फर्ज बनता है कि हम राजीव दीक्षित जी के विचारों को जन- जन तक पहुंचाये।*
*।।स्वदेशी अपनाये, भारत को बचाये।।*
भारत रत्न श्रीराजीव दीक्षितजी को शत् शत् नमन
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